नई दिल्ली (एडीएनए)। पूरी दुनिया में युद्ध अब आसमान से लड़े जा रहे हैं, लेकिन ईरान युद्ध के 100 घंटे बीतने के बाद टॉरपीडो का इस्तेमाल किया गया है। दोनों तरफ से सैकड़ों की संख्या में मिसाइल और ड्रेन दागे गए हैं। दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने अब इस युद्ध में टॉरपीडो का इस्तेमाल किया है। पनडुब्बी से ईरानी युद्धपोत पर टॉरपीडो से हमला किया जिससे युद्धपोत दो टुकड़ों में बंटकर डूब गया और इसमें सवार 180 सैनिक व कर्मचारी मारे गए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नेवी को पूरी तरह नष्ट करने की कसम खायी है, उनका दावा है कि 11 ईरानी युद्धपोत डुबो दिए गए हैं बाकी भी उनके निशाने पर हैं। दशकों बाद टॉरपीडो का इस्तेमाल किया गया है, उस युद्धपोत को निशाना बनाया गया जो भारत का मेहमान था और वापस ईरान जा रहा था। श्रीलंका के पास उसे अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से निशाना बनाया, जिससे उसमें सवार सभी 180 लोग मारे गए। कुछ के शव मिले हैं, बाकी की तलाश के लिए रेस्क्यू आपरेशन जारी है।
इस बीच ईरान ने एक बार फिर इजरायइल पर मिसाइलों और ड्रोनों से बड़ा हमला किया है। इसी दौरान अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान के आसमान पर कब्जा कर सकता है, साथ ही ट्रंप ने कहा है कि वह पैदल सेना को ईरान में उतार सकते हैं। यानी युद्ध अबजमीन पर भी शुरू हो सकती है।