नई दिल्ली (एडीएनए)। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की तपिश भारतीय एयरलाइंस तक पहुंच गई है। किराया महंगा करने के साथ अब एयरलाइंस पायलटों की ड्यूटी का समय बढ़ाने जा रही हैं। एयर इंडिया के अनुरोध पर डीजीसीए ने इसकी अनुमति दे दी है। इससे एयरलाइंस को तो बड़ी राहत मिलेगी लेकिन पायलटों की मुश्किलें बढ़ेंगीं।
तेल के दाम बढ़ने पर एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो समेत कई एयरलाइंस ने फ्यूलचार्ज के नाम पर किराया बढ़ा है और अब पायलटों की बारी है। दरअसल एयर इंडिया ने डीजीसीए से अनुरोध किया है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते एयर स्पेस बंद होने से विमानों को लम्बे रास्ते से होकर जाना पड़ रहा है। एयर इंडिया ने कहा है कि इसमें अधिक समय लग रहा है इसलिए पायलटों की ड्यूटी का समय बढ़ाए बिना लम्बी दूरी की इन फ्लाइट्स को जारी रखना मुश्किल हो रहा है।
एयर इंडिया के इस अनुरोध को डीजीसीए ने स्वीकार कर लिया है और पायलटों की ड्यूटी का समय बढ़ाए जाने को अस्थायी अनुमति दे दी है। इस मंजूरी के बाज पायलटों को मुश्किल हो सकती है। दरअसल पायलटों को थकान से बचाने के लिए डीजीसीए ने नियम बनाए हैं, इसके अनुसार पायलटों का अधिकतम फ्लाइंग टाइम 10 घंटे और ड्यूटी टाइम 12 घंटे रखा गया है। लेकिन इन नियमों से लम्बी दूरी की उड़ानों में दिक्कत हो रही थी, एयरलाइंस को दो पायलटों के स्थान पर तीन पायलटों की जरूरत पड़ रही थी। डीजीसीए की मंजूरी के बाद अब दो पायलटों से ही काम चल सकेगा। डीजीसीए ने 10 घंटे के फ्लाइट टाइम को बढ़ाकर 11.30 घंटे कर दिया है जिससे पायलटों को डेढ़ घंटे अधिक समय ड्यूटी करनी होगी। पायलटों की कुल ड्यूटी का समय भी बढ़ाया गया है।