नई दिल्ली (एडीएनए)। ईरान के पलटवार से इजरायल से ज्यादा अमेरिका का नुकसान हो रहा है, इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तिलमिला रहे हैं। स्थिति यह कि युद्ध में अभी तक अमेरिका के करीब 20 फाइटर जेट और आधुनिक ड्रोन खाक हो चुके हैं, जनमें से 16 को ईरान ने मार गिराने का दावा किया है। हालांकि अमेरिका का दावा है कि उसके 10 फाइटर जेट और ड्रोन फ्रेंडली फायर में नष्ट हुए हैं।
ईरान की मानें तो उसने अमेरिका के 16 फाइटर जेट और आधुनिक ड्रोन के अलावा 10 आधुनिक रडार सिस्सटम नष्ट कर दिए हैं। इसके अलावा उसके सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बड़ी तबाही की है। ईरान F-15 और F-35 जैसे फाइटर जेट कैसे मार पा रहा है इसको लेकर पूरी दुनिया चकित है। दोनों फाइटर जेट अमेरिका के सबसे उन्नत, पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ मल्टी-रोल फाइटर जेट हैं। ये फाइटर जेट रडार से अदृश्य रहने के अलावा सुपर सोनिक गति और 360 डिग्री फ्यूजन से लैस हैं।
इतने आधुनिक फाइटर जेट पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर ईरान इनको भारी नुकसान पहुंचा रहा है। ईरान की मानें तो अब तक वह अमेरिका के 16 जेट गरा चुका है, हालांकि अमेरिका ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। अमेरिका भले बड़ी संख्या में नष्ट पाइटर जेट स्वीकार न करे और जिनके वीडियो सामने आए हैं उनके बार में कहे कि यह फ्रेंडली फायर का शिकार हुए लेकिन इतना तय कि अमेरिका हो या इजरायल, दोनों ने ईरान को कम आंका और अब उसका मार झेल नहीं पा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति जब कह रहे हैं कि उसने अमेरिका की वायु सेना और जल सेना को पूरी तरह तबाह कर दिया है और 90 फीसदी से ज्यादा मिसाइल ठिकानें नष्ट कर दिए हैं तब भी ईरान के मिसाइल और ड्रोन न केवल खाड़ी देशों में बल्कि इजरायल और अपने आसमान पर हमला करने वाले अमेरिकी और इजरायली फाइटर जेटों पर भरपूर प्रहार कर रहा है। आज यानी 20 मार्च की सुबह है ईरान ने अमेरिका के एक F-35 जेट आइटर मार गिराने का दावा किया है, हालांकि अमेरिका ने कहा है कि फाइटर जेट को नुकसान हुआ है जिसके बाद उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है।