नई दिल्ली (एडीएनए)। मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी होते ही एयरलाइंस ने घरेलू हवाई किराए में 70 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की है। केंद्र सरकार ने हवाई यात्रियों को राहत के लिए घरेली उड़ानों की लैंडिंग और पार्किंग चार्ज में 25 फीसदी की कटौती की है, इससे एयरलाइंस का खर्च घटेगा और उम्मीद की जा रही है कि वह हवाई किराए में यात्रियों को राहत देंगी। पर क्या ऐसा होगा या एयरलाइंस इस कटौती को अपने मुनाफे में जोड़ लेंगीं, इसको लेकर संशय बना हुआ है।
कुछ सप्ताह में हवाई टिकट अचानक 50 से 150 फीसदी तक महंगे हुए हैं, घरेलू टिकटों में भी 25 से 70 फीसदी तक बूढ़ोत्तरी हुई है। एयरलाइंस ने इसका कारण फ्यूल के दामों में बढ़ोत्तरी बतायी। सरकार ने यात्रियों को राहत देने के लिए एयरपोर्ट चार्ज में 25 फीसदी तक की कटौती कर दी, पर क्या इसका लाभ हवाई यात्रियों को मिलेगा अभी य़ह सवाल बना हुआ है। सरकार ने एयरपोर्ट चार्ज में कटौती केवल घरेलू उड़ानों के लिए की है और वह भी सिर्फ तीन माह के लिए, एयरलाइंस का मानना है कि जिस तरह फ्य़ूल की कीमतें बढ़ी हैं उसमें जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है इसलिए सिर्फ एयरपोर्ट चार्ज में 25 फीसदी की कटौती टिकटों के दाम कम करने के लिए काफी नहीं है। सरकार ने भी एयरलाइंस को फ्यूल सरचार्ज चलाने की छूट दी है इससे माना जा रहा है कि शायद ही एयरलाइंस यात्रियों को किराए में राहत दें। हां इतना माना जा सकता है कि टिकटों की कीमतों में बढ़ोत्तरी शायद अब थम जाए।